दिल्ली की राजधानी क्या है – Delhi ki Rajdhani

दिल्ली की राजधानी क्या है? क्या आप जानते है कि Delhi ki Rajdhani का नाम क्या है। यदि आपके मन में भी यह प्रश्न है तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको दिल्ली और इसकी कैपिटल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगें। हम सभी जानते है की सभी राज्यों की अपनीं एक राजधानी होती हैं। इसलिए दिल्ली की भी राजधानी होनी चाहिए। आइये आपके सभी प्रश्नों के उत्तर को विस्तार से जानते हैं।

दिल्ली – Delhi in Hindi

सबसे पहले हम आपको बता दें कि दिल्ली केवल एक राज्य नहीं बल्कि केन्द्र-शासित प्रदेश भी है, तथा राजधानी यूनियन टेरिटरी और स्टेट दोनों की होती हैं। संख्या के मामले में दिल्ली भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। यहाँ की वर्तमान जनसंख्या के बारे में बात करे तो मई 2020 तक दिल्ली की जनसंख्या 10,927,986 हो गई है। यह शहर यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।

यह भी पढ़ें – दिल्ली का लाल किला किसने बनवाया था

दिल्ली का नाम दिल्ली कैसे पड़ा

दिल्ली का नाम दिल्ली कैसे पड़ा इसका कोई ठोस सबूत है लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह एक प्राचीन राजा “ढिल्लु” से सम्बन्धित है। कुछ इतिहासकार यह भी मानते है कि यह देहलीज़ का एक विकृत रूप है, जिसका हिन्दुस्तानी में अर्थ  “चौखट” होता है। कुछ लोग यह भी मानते है कि दिल्ली शहर का प्राचीन नाम “ढिलिका” या “ढीली” था। धीरे-धीरे इसका नाम दिल्ली हो गया। दिल्ली को महाभारत के समय “इंद्रप्रस्थ” के नाम से बुलाते थे।

यह भी पढ़ें – भारत की खोज किसने की – Bharat Ki khoj Kisne Ki

दिल्ली की राजधानी क्या है – Capital of Delhi in Hindi

दिल्ली की राजधानी - Delhi ki Rajdhani

भारत की राजधानी का नाम नई दिल्ली है। दिल्ली एक केन्द्र-शासित प्रदेश (Union territory) है और इसकी भी कैपिटल को नई दिल्ली (New Delhi) कहा जाता है। अर्थात हम यह कह सकते है कि यह खुद भारत की राजधानी है।

यह भी पढ़ें – महाराष्ट्र की राजधानी क्या है – Maharashtra ki Rajdhani

दिल्ली कितने किलोमीटर में है

क्या आप को पता है कि दिल्ली कितने किलोमीटर में है? भारत की राजधानी दिल्ली का क्षेत्रफल 1,484 वर्ग किलोमीटर है। अर्थात् हम यह कह सकते है की दिल्ली 573 वर्ग मील है।

यह भी पढ़ें – भारत का क्षेत्रफल कितना है – Bharat ka Chetrafal kitna hai

दिल्ली की स्थापना किसने की थी

क्या आपको पता कि दिल्ली की स्थापना की थी? दिल्ली की स्थापना का श्रेय तोमर शासकों में अनंगपाल को जाता है। भारत की यात्रा के लिए इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम आए थे तो उन्होंने 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में उन्होंने  देश की नई राजधानी की बात रखी थी।

यह भी पढ़ें –

यदि आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहें और आपको हमारे द्वारा दी गई पसंद आयी है तो आप हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। इस प्रकार की और अधिक जानकारी के लिए हमारे Facebook के पेज को Like और हमें Twitter पर फॉलो कर सकते हैं।

Leave a Comment